डोली
डोली में वो बैठके, जाती जब ससुराल। सोचो बेटी के बिना, मात-पिता का हाल।। मात-पिता का हाल, जगत के लोगों जानो। भेज रहे परदेस,कलेजा अपना मानो। कह राधे गोपाल, चमकती चुनर चोली। जाती है ससुराल, सुता चढ़ करके डोली । |
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Monday, 2 March 2020
कुंडलियां , " डोली " (राधा तिवारी " राधेगोपाल " )
Saturday, 29 February 2020
Sunday, 23 February 2020
Friday, 21 February 2020
कुंडलियां , " मजदूरी " (राधा तिवारी " राधेगोपाल " ),
मजदूरी
मजदूरी करके करें, घर का पूरा काम।
नौकर को मिलता नहीं, कभी यहाँ विश्राम।।
कभी यहाँ विश्राम, नहीं करना तुम राधे।
जग में करना काम ,सभी तुम सीधे साधे।।
कह राधे गोपाल, गरीबी है मजबूरी
करते हैं इंसान, धरा पर सब मजदूरी
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Thursday, 20 February 2020
Wednesday, 19 February 2020
कुंडलियां , " कुल्हाड़ी " (राधा तिवारी " राधेगोपाल " ),
कुल्हाड़ी
कुल्हाड़ी का तुम कभी, मत करना उपयोग | पेड़ों के बिन जगत मेंं, बढ़ जाएँगे रोग | बढ़ जाएँगे रोग, उगाओ पेड़ धरा पर | सूखी बंजर भूमि, अरे तू हरा-भरा कर | कह राधे गोपाल, बोलती सदा पहाड़ी | पेड़ बचा लो मित्र, फेंककर दूर कुल्हाड़ी || |
Tuesday, 18 February 2020
Friday, 10 January 2020
Thursday, 9 January 2020
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