विधा- छंद
विषय- नारी
जगत के काम सभी ।
नौकरी वो करती है,
रख स्वाभिमान को।
बेटियों को विदा करें,
पाल पोस बड़ा करे।
सौंपती है वर जी को,
कर कन्यादान कों।
बड़ों की वो करे सेवा,
पूजा से लुभाती देवा।
कर अच्छे काम को तो,
पाती वरदान वो।
अतिथि को मान देती,
दुख पहचान लेती।
चढ़ती है ऐसे नित ,
कितने सोपान वो।
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