बच्चों को होती सदा, अपनी माँ से
आस।
करें अहोई अष्ठमी का, मिलकर उपवास।।
करते राधा कुंड में, कई भक्त स्नान।
जिससे मिलती है उन्हें, प्यारी सी
संतान।।
पति-पत्नी इसमें करें, मिलकर के स्नान।
पुत्र रत्न का दे रही, राधा जग को दान।।
मात-पिता की बात को, कभी न देना टाल।
उनसे ही परिवार का, रहता अच्छा हाल।।
मात-पिता के सत वचन, सुनना देकर
ध्यान।
उनको तो तुम पूजना, जग मे देव समान।।
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Wednesday, 31 October 2018
दोहे "अहोई उपवास" (राधा तिवारी "राधेगोपाल")
मुक्तक गीत " महफिल रास आएगी" ( राधा तिवारी "राधेगोपाल " )
कदम जब भी बढ़ाओगे तो मंजिल पास आएगी
पहाड़ों से निकलकर ने खुद ही राह बनाता है
उसे जो मिल गया साथी उसे संग में ले जाता है
बहे मैदान में वो साथ लेकर के कई पत्थर
बहेगा नीर जंगल से तो औषध साथ आएगी
कदम जब भी बढाओगे तो मंज़िल पास आएगी
सुना है संत जन करते सदा ही धर्म की रक्षा
ज़माने को सिखाते हैं वही तो वेद की शिक्षा
करो तन मन व धन से तुम सदा ही संत की सेवा
इन्हीं संतों की वाणी तो यहाँ गंगा बहाएगी
कदम जब भी बढाओगे तो मंजिल पास आएगी
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Tuesday, 30 October 2018
दोहे "ओवरलोडिंग" ( राधा तिवारी "राधेगोपाल " )
ओवरलोडिंग
गाड़ी में भरना नहीं ,कभी अधिकतम भार ।
मोबाइल से मत कभी, चालक करना प्यार।।
दुर्घटनाओं पर नहीं ,चले किसी का जोर ।
ओवरलोडिंग से बढे, दुर्घटना चहुँ ओर।।
इश्क सदा ही जोड़ता, आपस में संबंध ।
मन से मन का चाहिए ,यहाँ सदा अनुबंध।।
टोपी पगड़ी को पहन, सिर को ढकते लोग ।
जो सिर ढककर है चले, उन्हें न लगता रोग ।।
कड़वी बोली छोड़ दो, मीठे बोलो बोल।
कहने से पहले जरा, लो तुम मुख में घोल।।
फरियादी करते सदा, अफसर से फरियाद।
सज्जन धीरे बोलते, दुर्जन करें विवाद।।
संत हमेशा देश में, करते धर्म प्रचार ।
लेकिन यहाँ विवाद को, करते हैं मक्कार।।
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Monday, 29 October 2018
करवा चौथ दोहे "माँ की तुम पूजा करो" ( राधा तिवारी "राधेगोपाल " )
करवा चौथ दोहे
माँ की तुम पूजा करो
माँ की तुम पूजा करो, मन में करके ध्यान।
दूध दही देकर करें ,सब का ही सम्मान।।
श्रृंगार गहने पकवान का, सरगी देती सास।
मेरा बेटा अमर रहे, माँ करती है आस।।
तेरह दाने अन्न के, लेकर करना ध्यान।
संकल्प आप कर लीजिए, इसे जरूरी जान ।।
कुमकुम हल्दी से करो, देवी का तुम ध्यान।
गेहूं चावल से करो, पूजा विधि विधान।।
पुआ पूरी लो बना ,और बनाओ खीर ।
करवा माता आपकी, दूर करेगी पीर।।
चंदा धरती पर बना, कर लो पूजा आप।
करवा पर टीका लगा ,कर लो उसका जाप।।
गौरी गणेश की आरती, करती सारी नार।
फूल फल नैवेद्य से,माता करती प्यार।।
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