पुल
पुल बनाया है नदी पर दिव्य और महान् है ।
फाइल है बता रही पुल वो आलीशान है।।
गिर रही बारिश की बूंदे भर गए जल स्रोत है।
आ रही है बाढ़ भू पर अब यही अनुमान है।
फाइल है बता रही पुल वो आलीशान है
खेत फसलों से भरे हैं हरियाली चंहु ओर है ।
अन्न कण न घर में पहुंचा कृषक भी हलकान है ।
फाइलें बता रही पुल वो आली शान है।
बोलते हैं सब जगत में हुई पैदावार है
खुश हुई सरकार लेकिन कृषक तो वीरान है
फाइल है बता रही पुल वो आली शान है
देखकर राधे यह मंजर आज कितनी है दुखी
चाह कर भी आ न पाती कोई मुस्कान है
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Monday, 18 March 2019
गीत, पुल ( राधा तिवारी "राधेगोपाल " )
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