Showing posts with label " सबसे प्यार कीजिए "(राधा तिवारी "राधेगोपाल "). Show all posts
Showing posts with label " सबसे प्यार कीजिए "(राधा तिवारी "राधेगोपाल "). Show all posts

Tuesday, 9 July 2019

ग़ज़ल, " सबसे प्यार कीजिए "(राधा तिवारी "राधेगोपाल ")









सबसे प्यार कीजिए
ज़िद त्याग करके गलतियां स्वीकार कीजिए
 बैर दंभ छोड़ सबसे प्यार कीजिए

 है हिंद अपना शान से कहते रहो सदा 
ना युद्ध करके जिंदगी बेकार कीजिए 

मेहमान का तो आगमन ईश्वर से कम नहीं 
ईश्वर के जैसे उनसे व्यवहार कीजिए

 अपने जो रूठ जाए तो कैसा नसीब है
 मनाने उनको खुशामद ए दरकार कीजिए

 दूर रहके राधे तुम यूँ पास में रहो
 करीब हो बता कर इजहार कीजिए