प्रियतम तुम्हारा प्यार

आज फिर से आ गया वो शुभ घड़ी दिन बार है और बढ़ता जा रहा प्रियतम तुम्हारा प्यार है
हाथ थामें चल रहे हो साथ मेरे हर घड़ी साथ तेरा इस जन्म में जीने का आधार है
दो थे हम फिर से बने आपस में हम तुम एक हैं बाल बच्चों से ही तो बनता सदा परिवार है
शीश रखदूँ चरण में प्रियतम तुम्हीं ही तो ईश हो साथ तो तेरा सदा ही स्वर्ग का ही द्वार है
आपसी बंधन हमारा और बाँधेगा हमें सौ जन्म तक साथ हो राधा करे मनुहार है |